रमज़ान का पाक महीना हर मुसलमान के लिए एक खास तोहफा है। पूरे दिन भूख और प्यास सहकर सिर्फ अल्लाह की रज़ा के लिए रोज़ा रखना एक बड़ी इबादत है। जब सूरज ढलता है और मग़रिब की अज़ान की आवाज़ कानों में पड़ती है, तो वह लम्हा बेहद रूहानी और क़ीमती होता है। यही वह वक़्त है जब Roza Iftar Ki Dua In Hindi पढ़ी जाती है।
इफ्तार महज़ खाने-पीने का काम नहीं है। यह एक रूहानी लम्हा है जिसमें बंदा अल्लाह का शुक्र अदा करता है, अपनी ईमान की ताज़गी करता है और अल्लाह के रिज़्क़ पर यक़ीन का इज़हार करता है। नबी-ए-करीम ﷺ ने इस वक़्त की एक खास दुआ सिखाई है जो हर रोज़ेदार को पढ़नी चाहिए।
इस लेख में Iftar Ki Dua का सही अरबी टेक्स्ट, हिंदी अनुवाद, Roman English transliteration, उर्दू तर्जुमा, बंगाली अर्थ, और इसे पढ़ने का सही तरीका बताया गया है।
अस्वीकरण: islamicduahub.com पर साझा की गई सभी दुआएँ शैक्षिक और आध्यात्मिक लाभ के लिए हैं। कृपया सटीकता के लिए प्रामाणिक इस्लामी स्रोतों से इनकी पुष्टि करें।
इफ्तार की दुआ – अरबी टेक्स्ट | Iftar Ki Dua in Arabic
दुआ नंबर 1 (सबसे ज़्यादा प्रचलित दुआ)
اَللّٰهُمَّ إِنِّي لَكَ صُمْتُ وَبِكَ آمَنْتُ وَعَلَيْكَ تَوَكَّلْتُ وَعَلَىٰ رِزْقِكَ أَفْطَرْتُ
यह दुआ इफ्तार से पहले, पहला निवाला या घूंट लेने से पहले पढ़ी जाती है।
दुआ नंबर 2 (हदीस से साबित – अबू दाऊद)
ذَهَبَ الظَّمَأُ وَابْتَلَّتِ الْعُرُوقُ وَثَبَتَ الأَجْرُ إِنْ شَاءَ اللَّهُ
यह दुआ पानी या खजूर से इफ्तार के बाद पढ़ी जाती है। यह हदीस सुनन अबू दाऊद (हदीस नंबर 2357) में मौजूद है।
Iftar Ki Dua In English Transliteration
दुआ नंबर 1:
Allahumma inni laka sumtu wa bika aamantu wa ‘alayka tawakkaltu wa ‘ala rizqika aftartu
दुआ नंबर 2:
Dhahaba az-zama’u, wabtallatil-‘urooqu, wa thabatal-ajru in sha Allah
Roman English transliteration उन मुसलमानों के लिए बहुत काम आती है जो अरबी पढ़ने में अभी माहिर नहीं हैं।
Roza Iftar Ki Dua In Hindi – हिंदी अनुवाद
दुआ नंबर 1 का हिंदी अर्थ:
“ऐ अल्लाह! मैंने तेरे लिए रोज़ा रखा, तुझ पर ईमान लाया, तुझ पर भरोसा किया और तेरे दिए हुए रिज़्क़ से इफ्तार कर रहा हूँ।”
दुआ नंबर 2 का हिंदी अर्थ:
“प्यास बुझ गई, रगें तर हो गईं, और अल्लाह ने चाहा तो सवाब पक्का हो गया।”
Iftar Ki Dua Hindi Mein पढ़कर अर्थ समझना ज़रूरी है क्योंकि जब दिल से दुआ निकलती है तभी उसकी असल क़ीमत होती है।
Iftar Ki Dua In Urdu – उर्दू तर्जुमा
दुआ नंबर 1:
اَللّٰهُمَّ اِنِّی لَکَ صُمْتُ وَبِکَ اٰمَنْتُ وَعَلَيْکَ تَوَکَّلْتُ وَعَلٰی رِزْقِکَ اَفْطَرْتُ
اردو ترجمہ:
اے اللہ! میں نے تیری خاطر روزہ رکھا، تیرے اوپر ایمان لایا، تجھ پر بھروسہ کیا اور تیرے رزق سے افطار کر رہا ہوں۔
दुआ नंबर 2:
ذَهَبَ الظَّمَأُ وَابْتَلَّتِ الْعُرُوقُ وَثَبَتَ الأَجْرُ إِنْ شَاءَ اللَّهُ
اردو ترجمہ:
پیاس بجھ گئی، رگیں تر ہوگئیں، اور اجر ثابت ہوگیا اگر اللہ نے چاہا۔
Iftar Ki Dua In Urdu वे मुसलमान ज़्यादा इस्तेमाल करते हैं जो उर्दू ज़बान से वाकिफ हैं, जैसे पाकिस्तान और उत्तर भारत के बहुत से लोग।
Iftar Ki Dua In English – अंग्रेज़ी अनुवाद
दुआ नंबर 1:
“O Allah! I fasted for You, I believe in You, I put my trust in You, and I break my fast with Your provision.”
दुआ नंबर 2:
“The thirst is gone, the veins are moistened, and the reward is confirmed, if Allah wills.”
Iftar Ki Dua In English उन लोगों के लिए मददगार है जो इस्लाम को और गहराई से समझना चाहते हैं या अंग्रेज़ी माध्यम में पढ़ाई कर रहे बच्चों को सिखाना चाहते हैं।
Iftar Ki Dua Bangla – बंगाली अर्थ
बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के मुसलमान भाइयों के लिए Iftar Ki Dua Bangla में अर्थ:
দুআ নং ১ এর অর্থ: “হে আল্লাহ! আমি তোমার জন্য রোজা রেখেছি, তোমার উপর ঈমান এনেছি, তোমার উপর ভরসা করেছি এবং তোমার দেওয়া রিজিক দিয়ে ইফতার করছি।”
দুআ নং ২ এর অর্থ: “তৃষ্ণা চলে গেছে, শিরা-উপশিরা ভিজে গেছে এবং ইনশাআল্লাহ সওয়াব নিশ্চিত হয়ে গেছে।”
इफ्तार की दुआ कब पढ़ें | Roza Iftar Ki Dua In Hindi – सही वक़्त
दुआ नंबर 1 – यह दुआ इफ्तार से ठीक पहले, खजूर या पानी हाथ में लेते वक़्त पढ़ी जाती है। पहला निवाला लेने से पहले दिल में निय्यत साफ रखें और अल्लाह की तरफ पूरा ध्यान लगाकर यह दुआ पढ़ें।
दुआ नंबर 2 – यह दुआ पानी या खजूर से इफ्तार करने के बाद पढ़ी जाती है। जब प्यास बुझ जाए और रोज़ा टूट जाए, उस लम्हे यह दुआ पढ़ना सुन्नत है।
नबी-ए-पाक ﷺ का तरीका था कि वो खजूर से इफ्तार करते थे, अगर खजूर न होती तो पानी से। इसके साथ यह दुआ पढ़ते थे। यह हदीस सुनन अबू दाऊद में दर्ज है।
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इफ्तार की दुआ की अहमियत और फ़ज़ीलत | Benefits of Iftar Ki Dua
इफ्तार का वक़्त बेहद क़ीमती होता है। नबी करीम ﷺ ने फरमाया:
“रोज़ेदार की दुआ इफ्तार के वक़्त रद्द नहीं की जाती।” (इब्ने माजा)
एक और हदीस में है कि तीन लोगों की दुआएँ रद्द नहीं होतीं: रोज़ेदार की, मुसाफिर की, और मज़लूम की। (तिर्मिज़ी)
इस Iftar Ki Dua को पढ़ने के कुछ रूहानी फ़ायदे:
- अल्लाह का शुक्र अदा होता है – रिज़्क़ का एहसास और कृतज्ञता का इज़हार होता है।
- रोज़े की मक़बूलियत की उम्मीद बढ़ती है – दुआ से यह उम्मीद जागती है कि सारे दिन की मेहनत क़बूल हुई।
- ईमान और तवक्कुल मज़बूत होता है – दुआ के अल्फ़ाज़ में ईमान, भरोसा और शुक्र सब शामिल हैं।
- सुन्नत पर चलने का सवाब मिलता है – नबी ﷺ के तरीके को अपनाने पर अलग से अज्र मिलता है।
- दुआ क़बूल होने का खास वक़्त – यह वह लम्हा है जब अल्लाह की रहमत खुली होती है।
रोज़ा इफ्तार की दुआ हिंदी में – सुन्नत तरीका
Roza Iftar Ki Dua In Hindi पढ़ने का सुन्नत तरीका यह है:
- वुज़ू – जहाँ तक मुमकिन हो पाक-साफ रहें।
- क़िब्ले की तरफ रुख – बैठने का तरीका अदब वाला हो।
- खजूर या पानी हाथ में लें – और पहले “बिस्मिल्लाह” कहें।
- Iftar Ki Dua पढ़ें – दिल से, समझकर।
- इफ्तार करें – खजूर से, अगर उपलब्ध न हो तो पानी से।
- बाद में दुआ नंबर 2 पढ़ें।
- अपनी ज़ाती दुआएँ माँगें – यह वक़्त बेहद क़बूलियत का है।
इफ्तार में देर करना सुन्नत के खिलाफ है। जैसे ही मग़रिब की अज़ान हो, फ़ौरन रोज़ा तोड़ना चाहिए।
Iftar Ki Dua Hindi – बच्चों को कैसे सिखाएँ?
बच्चों को Iftar Ki Dua Hindi में सिखाना आसान है। कुछ आसान तरीके:
- दुआ को छोटे-छोटे हिस्सों में तोड़कर सिखाएँ।
- हर रोज़ इफ्तार पर साथ बैठकर दोहराएँ।
- हिंदी में अर्थ समझाएँ ताकि दुआ दिल से निकले।
- रमज़ान को एक खुशी भरा मौका बनाएँ।
जब बच्चा दुआ के मायने समझता है, तो वह ज़िंदगी भर इसे नहीं भूलता।
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निष्कर्ष | Conclusion
Roza Iftar Ki Dua In Hindi सिर्फ कुछ अल्फ़ाज़ नहीं हैं यह एक रोज़ेदार के दिल की आवाज़ है जो पूरे दिन की भूख, प्यास और सब्र के बाद अल्लाह के सामने पेश होती है।
इस दुआ में ईमान, तवक्कुल, शुक्र और इख़लास सब कुछ समाया हुआ है। जो मुसलमान इसे समझकर पढ़ता है, उसका इफ्तार सिर्फ खाने का वक़्त नहीं रहता, बल्कि वह एक पूरी इबादत बन जाता है।
Iftar Ki Dua को याद करें, इसका अर्थ समझें, और अपने घर के बच्चों को भी सिखाएँ। रमज़ान का हर लम्हा क़ीमती है इस दुआ से इसे और क़ीमती बनाएँ।
अल्लाह हम सबके रोज़े क़बूल फरमाए और हमें इस मुबारक महीने का पूरा फ़ायदा उठाने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
? अक्सर पूछे जाने वाले सवाल | FAQs
Q. रोज़ा इफ्तार की दुआ हिंदी में क्या है?
A. रोज़ा इफ्तार की दुआ हिंदी में इस तरह है: “ऐ अल्लाह! मैंने तेरे लिए रोज़ा रखा, तुझ पर ईमान लाया, तुझ पर भरोसा किया और तेरे दिए हुए रिज़्क़ से इफ्तार कर रहा हूँ।”
Q. Iftar Ki Dua In Roman English क्या है?
A. Allahumma inni laka sumtu wa bika aamantu wa ‘alayka tawakkaltu wa ‘ala rizqika aftartu.
Q. इफ्तार की दुआ कब पढ़ी जाती है?
A. पहली दुआ इफ्तार से पहले पहला निवाला लेते वक़्त पढ़ी जाती है। दूसरी दुआ (ذَهَبَ الظَّمَأُ) इफ्तार के बाद पढ़ी जाती है।
Q. क्या इफ्तार की दुआ सिर्फ रमज़ान में पढ़ी जाती है?
A. यह दुआ रमज़ान के रोज़ों के लिए खास है, लेकिन जो लोग नफ़्ल रोज़े रखते हैं वो भी इसे पढ़ सकते हैं।
Q. Iftar Ki Dua In English क्या है?
A. “O Allah! I fasted for You, I believe in You, I put my trust in You, and I break my fast with Your provision.”
Q. क्या इफ्तार की दुआ न पढ़ने से रोज़ा टूट जाता है?
A. नहीं। दुआ न पढ़ने से रोज़ा टूटता नहीं, लेकिन यह सुन्नत है और इसे ज़रूर पढ़ना चाहिए ताकि इस क़ीमती लम्हे का पूरा फ़ायदा उठाया जा सके।
Q. इफ्तार किससे करना चाहिए?
A. सुन्नत यह है कि इफ्तार ताज़े या सूखे खजूर से किया जाए। अगर खजूर न हो तो पानी के कुछ घूंट से इफ्तार करें।
Q. Iftar Ki Dua Bangla में क्या है?
A. “হে আল্লাহ! আমি তোমার জন্য রোজা রেখেছি, তোমার উপর ঈমান এনেছি, তোমার উপর ভরসা করেছি এবং তোমার দেওয়া রিজিক দিয়ে ইফতার করছি।”
Written by: Ahmad Raza
Credentials: Islamic Studies Content Writer
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