Asar Ki Namaz: वक़्त, नियत, रकअत और पढ़ने का सही तरीक़ा
दिन की भाग-दौड़ अपने चरम पर होती है। दफ़्तर, बाज़ार, बच्चे, काम की फ़िक्र। ठीक इसी वक़्त अल्लाह तआला अपने बंदे को बुलाता है। यही Asar Ki Namaz है। पाँच वक़्त की फ़र्ज़ नमाज़ों में यह तीसरी नमाज़ है। ज़ुहर के बाद और मग़रिब से पहले। अरबी में “अस्र” का मतलब है दोपहर ढलने का … Read more