Ghar Se Nikalne Ki Dua – शैतान से हिफाज़त की दुआ हिंदी, अरबी, इंग्लिश और उर्दू में

हर मुसलमान का दिन कई बार घर से बाहर जाने से शुरू होता है — कभी दफ्तर के लिए, कभी बाज़ार के लिए, कभी मस्जिद के लिए। लेकिन बहुत से लोग यह नहीं जानते कि घर की दहलीज़ पार करते वक्त एक छोटी सी दुआ पढ़ना हमारे प्यारे नबी हज़रत मुहम्मद ﷺ की सुन्नत है।

यह Ghar Se Nikalne Ki Dua सिर्फ कुछ लम्हों की बात है, लेकिन इसके फायदे बहुत बड़े हैं। इस दुआ को पढ़कर घर से निकलने वाला बंदा अल्लाह की हिफाज़त में आ जाता है, शैतान उससे दूर हो जाता है, और फरिश्ते उसके साथ हो लेते हैं।

यहाँ Ghar Se Nikalne Ki Dua in Arabic, Ghar Se Nikalne Ki Dua in Hindi, Ghar Se Nikalne Ki Dua in English, Ghar Se Nikalne Ki Dua in Urdu और Ghar Se Nikalne Ki Dua in Roman English — सभी के साथ तर्जुमा और फजीलत बताई गई है।

अस्वीकरण: islamicduahub.com पर साझा की गई सभी दुआएँ शैक्षिक और आध्यात्मिक लाभ के लिए हैं। कृपया सटीकता के लिए प्रामाणिक इस्लामी स्रोतों से इनकी पुष्टि करें।

Ghar Se Nikalne Ki Dua in Arabic

دُعَاء عند الخروج من البيت

بِسْمِ اللّٰهِ تَوَكَّلْتُ عَلَى اللّٰهِ وَلَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللّٰهِ

Ghar Se Nikalne Ki Dua in Roman English (Transliteration)

Bismillahi Tawakkaltu ‘Alallahi Wa Laa Hawla Wa Laa Quwwata Illaa Billah

Ghar Se Nikalne Ki Dua

Ghar Se Nikalne Ki Dua in Hindi (हिंदी तर्जुमा)

बिस्मिल्लाहि तवक्कलतु अलल्लाहि व ला हौला व ला कुव्वता इल्ला बिल्लाह

हिंदी में मतलब:

“अल्लाह के नाम के साथ (घर से निकलता हूँ), मैंने अल्लाह पर भरोसा किया। गुनाहों से बचने और नेकी करने की ताकत सिर्फ अल्लाह ही की तरफ से है।”

Ghar Se Nikalne Ki Dua in English (English Translation)

“In the name of Allah, I place my trust in Allah. There is no might and no power except with Allah.”

Ghar Se Nikalne Ki Dua in Urdu (اردو ترجمہ)

بِسْمِ اللّٰہِ تَوَکَّلْتُ عَلَی اللّٰہِ وَلَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللّٰہِ

اردو ترجمہ:

“اللہ کے نام کے ساتھ (گھر سے نکلتا ہوں)، میں نے اللہ پر بھروسہ کیا۔ گناہوں سے بچنے اور نیکی کرنے کی طاقت صرف اللہ کی طرف سے ہے۔”

हदीस का हवाला (Hadith Reference)

यह दुआ हदीस की मशहूर किताबों में मौजूद है।

हज़रत अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि हमारे प्यारे नबी हज़रत मुहम्मद ﷺ ने फरमाया:

“जब कोई शख्स अपने घर से निकलते वक्त यह दुआ पढ़ता है, तो उस वक्त उससे कहा जाता है — तुम्हें हिदायत दी गई, तुम्हारी हिफाज़त की गई, और तुम्हारी किफायत की गई। और शैतान उससे दूर हो जाता है।”

📕 संदर्भ: सुनन अबू दाउद, हदीस: 5095 | जामि अत-तिर्मिज़ी, हदीस: 3426

घर से निकलने की दुआ कब पढ़ें (Ghar Se Nikalne Ki Dua Kab Padhen)

यह दुआ उस वक्त पढ़नी चाहिए जब आप घर का दरवाज़ा खोलकर बाहर कदम रखने वाले हों। चाहे आप सुबह दफ्तर जा रहे हों, दोपहर में बाज़ार, या रात में कहीं और — हर बार घर से निकलते वक्त यह दुआ पढ़ें।

  • सुबह दफ्तर या स्कूल जाते वक्त
  • बाज़ार, मस्जिद, या किसी काम से निकलते वक्त
  • सफर पर जाने से पहले
  • किसी भी समय घर की दहलीज़ पार करते वक्त

यह दुआ सिर्फ लंबे सफर के लिए नहीं, बल्कि हर छोटे-बड़े काम के लिए घर से निकलते वक्त पढ़ी जाती है।

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घर से निकलने का सुन्नत तरीका

सिर्फ दुआ पढ़ना काफी नहीं — इसके साथ कुछ सुन्नत तरीके भी हैं जिनका ख्याल रखना चाहिए:

1. बायाँ पैर पहले बाहर रखें घर से बाहर निकलते वक्त बायाँ पैर पहले बाहर करना सुन्नत है।

2. दहलीज़ पर खड़े होकर दुआ पढ़ें दरवाज़े से निकलने से ठीक पहले, एक लम्हा रुककर दिल की तवज्जुह के साथ यह दुआ पढ़ें।

3. घरवालों को सलाम करें घर से निकलते वक्त घर के लोगों को सलाम करके जाएं — यह भी नबी ﷺ की सुन्नत है।

4. घर में दाखिल होते वक्त अलग दुआ पढ़ें घर में वापस आते वक्त “Ghar Me Dakhil Hone Ki Dua” पढ़ना न भूलें।

Ghar Se Nikalne Ki Dua Ke Fayde – फजीलत और फवाएद

1. अल्लाह की हिफाज़त में आ जाते हैं

जो बंदा यह दुआ पढ़कर घर से निकलता है, वह दिन भर हर बला और आफत से महफूज रहता है जब तक घर वापस न आ जाए।

2. शैतान दूर हो जाता है

हदीस में आया है कि जब यह दुआ पढ़ी जाती है, तो शैतान उस बंदे से दूर हो जाता है और कहता है — “इस शख्स के साथ हम क्या कर सकते हैं, इसकी तो हिदायत, हिफाज़त और किफायत की जा चुकी है।”

3. दो फरिश्ते साथ हो लेते हैं

नबी ﷺ के फरमान के मुताबिक, जब कोई यह दुआ पढ़ता है तो दो फरिश्ते उसके साथ हो लेते हैं और उसे बुराइयों से बचाते हैं।

4. तवक्कुल की ताकत मिलती है

यह दुआ बंदे को यह याद दिलाती है कि असली भरोसा सिर्फ अल्लाह पर करना चाहिए — न अपनी ताकत पर, न किसी और पर। इससे दिल को सुकून और हिम्मत मिलती है।

5. दिन की शुरुआत बरकत से होती है

अल्लाह का नाम लेकर घर से निकलने वाले के दिन में बरकत होती है। काम आसान होते हैं और मुश्किलें कम होती हैं।

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बच्चों को यह दुआ सिखाएं

Ghar Se Nikalne Ki Dua बहुत छोटी और आसान है। इसे बच्चों को बचपन से ही सिखाना चाहिए। जब बच्चे छोटी उम्र से इस सुन्नत पर अमल करना सीखते हैं, तो वे बड़े होकर भी इसे नहीं भूलते। घर के दरवाज़े के पास दुआ की एक पर्ची लगा दें — इससे सभी को रोज़ याद रहेगा।

आखिरी बात – Conclusion

Ghar Se Nikalne Ki Dua एक छोटी मगर बेहद असरदार दुआ है जो हमारे नबी हज़रत मुहम्मद ﷺ ने हमें सिखाई। यह दुआ पढ़ने में सिर्फ कुछ सेकंड लगते हैं, लेकिन इसके फायदे पूरे दिन हमारे साथ रहते हैं।

जो बंदा रोज़ इस दुआ को घर से निकलते वक्त पढ़ता है, वह अल्लाह की हिफाज़त में रहता है, शैतान उससे दूर रहता है, और फरिश्ते उसके साथ होते हैं।

इस दुआ को आज से ही अपनी रोज़ाना की ज़िंदगी का हिस्सा बना लें। खुद पढ़ें, घर के सभी लोगों को सिखाएं, और बच्चों को भी यह सुन्नत याद कराएं।

अल्लाह तआला हम सबको इस दुआ पर अमल करने की तौफीक अता फरमाए। आमीन।

? अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल 1: Ghar Se Nikalne Ki Dua कौन सी है?

जवाब: घर से निकलने की दुआ यह है — “بِسْمِ اللّٰهِ تَوَكَّلْتُ عَلَى اللّٰهِ وَلَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللّٰهِ” रोमन इंग्लिश में: Bismillahi Tawakkaltu Alallahi Wa La Hawla Wa La Quwwata Illaa Billah

सवाल 2: Ghar Se Nikalne Ki Dua in Hindi mein क्या है?

जवाब: हिंदी में इसका मतलब है — “अल्लाह के नाम के साथ निकलता हूँ, मैंने अल्लाह पर भरोसा किया। गुनाहों से बचने और नेकी करने की ताकत सिर्फ अल्लाह की तरफ से है।”

सवाल 3: Ghar Se Nikalne Ki Dua with English translation क्या है?

जवाब: English में इसका मतलब है — “In the name of Allah, I place my trust in Allah. There is no might and no power except with Allah.”

सवाल 4: क्या यह दुआ हर बार घर से निकलते वक्त पढ़नी चाहिए?

जवाब: जी हाँ। यह दुआ हर बार घर से निकलते वक्त पढ़नी चाहिए — चाहे आप सुबह जाएं, दोपहर को, या रात को। यह सिर्फ लंबे सफर के लिए नहीं है।

सवाल 5: Ghar Se Nikalne Ki Dua की हदीस कहाँ से है?

जवाब: यह दुआ सुनन अबू दाउद (हदीस: 5095) और जामि अत-तिर्मिज़ी (हदीस: 3426) में हज़रत अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अन्हु) की रिवायत से आई है।

सवाल 6: क्या बच्चे भी यह दुआ पढ़ सकते हैं?

जवाब: बिल्कुल। यह दुआ बहुत आसान है और बच्चों को बचपन से ही सिखानी चाहिए।

सवाल 7: Ghar Se Nikalne Ki Dua in Urdu क्या है?

जवाब: उर्दू में यह दुआ — “اللہ کے نام کے ساتھ گھر سے نکلتا ہوں، میں نے اللہ پر بھروسہ کیا۔ گناہوں سے بچنے اور نیکی کرنے کی طاقت صرف اللہ کی طرف سے ہے۔”

Written by: Ahmad Raza

Credentials: Islamic Studies Content Writer

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