Gusal Karne Ki Dua: अरबी, हिंदी अर्थ और सही तरीका
इस्लाम में पाकी (तहारत) को बहुत ऊँचा मुकाम दिया गया है। गुसल सिर्फ जिस्म की सफाई नहीं, बल्कि यह रूह की पाकीज़गी का भी एक अहम ज़रिया है। जब कोई मुसलमान वाजिब गुसल करता है चाहे जनाबत के बाद हो, हैज़ के बाद हो या निफ़ास के बाद हो तो अल्लाह की बारगाह में एक … Read more