फातिहा इस्लाम में एक बहुत ही पाक और बरकत भरी इबादत है। यह कुरान शरीफ की तिलावत, दरूद शरीफ और दुआ का एक मुबारक अमल है जो किसी मरहूम की रूह को सवाब पहुंचाने के लिए पढ़ा जाता है। Fatiha Ka Tarika जानना हर मुसलमान के लिए जरूरी है ताकि यह इबादत सही तरीके से अदा की जा सके।
फातिहा का अमल मुसलमानों में सदियों से चला आ रहा है। जब कोई अज़ीज़ इस दुनिया से रुखसत हो जाता है, तो उसकी रूह को सवाब पहुंचाने के लिए फातिहा पढ़ी जाती है। इसके अलावा खुशी के मौकों पर, किसी नेक काम की शुरुआत में, और इमाम या बुजुर्गों की बरगाह में भी फातिहा का अमल किया जाता है।
नीचे पूरा तरीका step by step बताया गया है जो हर मुसलमान आसानी से पढ़ और अमल कर सकता है।
फातिहा पढ़ने का सही वक्त | When To Read Fatiha
फातिहा कई मौकों पर पढ़ी जाती है। नीचे कुछ अहम मौके दिए गए हैं जब फातिहा का अमल किया जाता है।
किसी मरहूम की इसाले सवाब के लिए
जब कोई मुसलमान वफात पा जाए तो उसकी रूह को सवाब पहुंचाने के लिए फातिहा पढ़ी जाती है। खास तौर पर जनाजे के बाद, चेहलुम पर, और बरसी के मौके पर यह अमल किया जाता है।
खुशी के मौकों पर
शादी, बच्चे की पैदाइश, नए घर में शिफ्ट होने, कारोबार की शुरुआत जैसे खुशी के मौकों पर भी फातिहा पढ़ी जाती है ताकि उन नेक लम्हों में अल्लाह की रहमत और बरकत हासिल हो।
नियाज़ और खाने पर फातिहा
खाने पर फातिहा पढ़कर उसे नेक नीयत से तैयार किया जाता है। यह नियाज़ का एक अहम हिस्सा है।
अंबिया और औलिया की दरगाहों पर
अल्लाह के नेक बंदों की दरगाहों पर जाने पर भी फातिहा का अमल किया जाता है।
Fatiha Ka Tarika Step By Step | फातिहा का तरीका स्टेप बाय स्टेप
Fatiha Ka Tarika Step By Step नीचे पूरी तरह बताया गया है। इसे ध्यान से पढ़ें और अमल करें।
Step 1: पहले 3 बार दरूद शरीफ पढ़ें
फातिहा की शुरुआत दरूद शरीफ से होती है। 3 बार दरूद इब्राहीम पढ़ें।
Arabic:
اللّٰهُمَّ صَلِّ عَلٰى مُحَمَّدٍ وَّعَلٰى آلِ مُحَمَّدٍ كَمَا صَلَّيْتَ عَلٰى إِبْرَاهِيْمَ وَعَلٰى آلِ إِبْرَاهِيْمَ إِنَّكَ حَمِيْدٌ مَّجِيْدٌ
Roman Transliteration:
Allahumma Salli Ala Muhammadin Wa Ala Aali Muhammadin Kama Sallaita Ala Ibrahima Wa Ala Aali Ibrahima Innaka Hamidum Majeed.
Hindi Transliteration:
अल्लाहुम्मा सल्लि अला मुहम्मदिन व अला आलि मुहम्मदिन कमा सल्लैता अला इब्राहीमा व अला आलि इब्राहीमा इन्नका हमीदुम मजीद।
हिंदी अर्थ: ऐ अल्लाह! मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) पर और उनकी आल पर रहमत नाज़िल फरमा जैसे तूने इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) पर और उनकी आल पर रहमत नाज़िल फरमाई। बेशक तू तारीफ वाला और बड़ाई वाला है।
Step 2: ताउज़ और तस्मिया पढ़ें
Arabic:
أَعُوذُ بِاللّٰهِ مِنَ الشَّيْطَانِ الرَّجِيْمِ
Roman Transliteration:
A’uzu Billahi Minash Shaitanir Rajeem.
Hindi Transliteration:
अऊजु बिल्लाहि मिनश शैतानिर्रजीम।
हिंदी अर्थ:
मैं शैतान मरदूद से अल्लाह की पनाह मांगता हूं।
फिर बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम पढ़ें।
Step 3: 1 बार सूरह काफिरून पढ़ें
Arabic:
قُلْ يَا أَيُّهَا الْكَافِرُوْنَ ۙ لَا أَعْبُدُ مَا تَعْبُدُوْنَ ۙ وَلَا أَنْتُمْ عَابِدُوْنَ مَا أَعْبُدُ ۙ وَلَا أَنَا عَابِدٌ مَّا عَبَدتُّمْ ۙ وَلَا أَنْتُمْ عَابِدُوْنَ مَا أَعْبُدُ ۙ لَكُمْ دِيْنُكُمْ وَلِيَ دِيْنِ
Roman Transliteration:
Qul Ya Ayyuhal Kafiroon. La A’budu Ma Ta’budoon. Wa La Antum Abidoona Ma A’bud. Wa La Ana Abidun Ma Abadtum. Wa La Antum Abidoona Ma A’bud. Lakum Deenukum Wa Liya Deen.
Hindi Transliteration:
क़ुल या अय्युहल काफिरून। ला अबुदु मा तअबुदून। व ला अन्तुम आबिदूना मा अबुद। व ला अना आबिदुन मा अबदतुम। व ला अन्तुम आबिदूना मा अबुद। लकुम दीनुकुम वलिय दीन।
हिंदी अर्थ:
कह दो कि ऐ काफिरों! मैं उसकी इबादत नहीं करता जिसकी तुम इबादत करते हो। और न तुम उसकी इबादत करने वाले हो जिसकी मैं इबादत करता हूं। न मैं उसका बंदा हूं जिसकी तुमने बंदगी की। और न तुम उसके बंदे हो जिसकी मैं बंदगी करता हूं। तुम्हारे लिए तुम्हारा दीन और मेरे लिए मेरा दीन।
Step 4: 3 बार सूरह इखलास पढ़ें
Arabic:
قُلْ هُوَ اللّٰهُ أَحَدٌ ۙ اَللّٰهُ الصَّمَدُ ۙ لَمْ يَلِدْ وَلَمْ يُوْلَدْ ۙ وَلَمْ يَكُنْ لَّهُ كُفُوًا أَحَدٌ
Roman Transliteration:
Qul Huwal Laahu Ahad. Allaahus Samad. Lam Yalid Wa Lam Yuulad. Wa Lam Yakul Lahuu Kufuwan Ahad.
Hindi Transliteration:
क़ुल हुवल्लाहु अहद। अल्लाहुस्समद। लम यलिद वलम यूलद। वलम यकुल लहू कुफुवन अहद।
हिंदी अर्थ:
कह दो कि अल्लाह एक है। अल्लाह बेनियाज़ है। न उसने किसी को जना और न वह किसी से जना। और उसके बराबर कोई नहीं।
सूरह इखलास को 3 बार पढ़ना पूरे कुरान की तिलावत के बराबर सवाब रखता है।
Step 5: 1 बार सूरह फलक पढ़ें
Arabic:
قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ الْفَلَقِ ۙ مِنْ شَرِّ مَا خَلَقَ ۙ وَمِنْ شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ ۙ وَمِنْ شَرِّ النَّفَّاثَاتِ فِي الْعُقَدِ ۙ وَمِنْ شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ
Roman Transliteration:
Qul A’uzu Birabbil Falaq. Min Sharri Ma Khalaq. Wa Min Sharri Ghasiqin Iza Waqab. Wa Min Sharrin Naffasati Fil Uqad. Wa Min Sharri Hasidin Iza Hasad.
Hindi Transliteration:
क़ुल अऊजु बिरब्बिल फलक। मिन शर्रि मा खलक। व मिन शर्रि गासिकिन इज़ा वकब। व मिन शर्रिन नफ्फासाति फिल उकद। व मिन शर्रि हासिदिन इज़ा हसद।
हिंदी अर्थ:
कह दो कि मैं सुबह के रब की पनाह मांगता हूं। उसकी तमाम मखलूक के शर से। और अंधेरे की तारीकी के शर से। और गांठों में फूंकने वालियों के शर से। और हसद करने वाले के शर से जब वह हसद करे।
Step 6: 1 बार सूरह नास पढ़ें
Arabic:
قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ النَّاسِ ۙ مَلِكِ النَّاسِ ۙ إِلٰهِ النَّاسِ ۙ مِنْ شَرِّ الْوَسْوَاسِ الْخَنَّاسِ ۙ الَّذِيْ يُوَسْوِسُ فِيْ صُدُورِ النَّاسِ ۙ مِنَ الْجِنَّةِ وَالنَّاسِ
Roman Transliteration:
Qul A’uzu Birabbin Nas. Malikin Nas. Ilahin Nas. Min Sharril Waswaasil Khannas. Allazi Yuwaswisu Fi Sudurin Nas. Minal Jinnati Wan Nas.
Hindi Transliteration:
क़ुल अऊजु बिरब्बिन्नास। मालिकिन्नास। इलाहिन्नास। मिन शर्रिल वस्वासिल खन्नास। अल्लज़ी युवस्विसु फी सुदूरिन्नास। मिनल जिन्नति वन्नास।
हिंदी अर्थ:
कह दो कि मैं इंसानों के रब की पनाह मांगता हूं। इंसानों के बादशाह की। इंसानों के माबूद की। वसवसे डालने वाले छुपने वाले के शर से। जो इंसानों के दिलों में वसवसे डालता है। जिन्नों में से हो या इंसानों में से।
Step 7: 1 बार सूरह फातिहा पढ़ें
Arabic:
بِسْمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيْمِ ۙ اَلْحَمْدُ لِلّٰهِ رَبِّ الْعٰلَمِيْنَ ۙ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيْمِ ۙ مٰلِكِ يَوْمِ الدِّيْنِ ۙ إِيَّاكَ نَعْبُدُ وَإِيَّاكَ نَسْتَعِيْنُ ۙ اِهْدِنَا الصِّرَاطَ الْمُسْتَقِيْمَ ۙ صِرَاطَ الَّذِيْنَ أَنْعَمْتَ عَلَيْهِمْ ۙ غَيْرِ الْمَغْضُوبِ عَلَيْهِمْ وَلَا الضَّالِّيْنَ
Roman Transliteration:
Bismillahir Rahmanir Raheem. Alhamdu Lillahi Rabbil Alameen. Ar Rahmanir Raheem. Maliki Yaumid Deen. Iyyaka Na’budu Wa Iyyaka Nastaeen. Ihdinas Siratal Mustaqeem. Siratal Lazeena An’amta Alaihim. Ghairil Maghdubi Alaihim Wa Lad Dalleen.
Hindi Transliteration:
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम। अल्हम्दु लिल्लाहि रब्बिल आलमीन। अर्रहमानिर्रहीम। मालिकि यौमिद्दीन। इय्याक नअबुदु व इय्याक नस्तईन। इह्दिनस्सिराताल मुस्तकीम। सिरातल लज़ीना अनअमत अलैहिम। गैरिल मगज़ूबि अलैहिम वलज्जाल्लीन।
हिंदी अर्थ:
शुरू अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान और निहायत रहम वाला है। तमाम तारीफें अल्लाह के लिए जो सारे जहानों का पालने वाला है। बड़ा मेहरबान और निहायत रहम वाला। रोज़े जज़ा का मालिक। हम तेरी ही इबादत करते हैं और तुझ ही से मदद मांगते हैं। हमें सीधा रास्ता दिखा। उन लोगों का रास्ता जिन पर तूने इनआम किया। न उनका रास्ता जिन पर गज़ब हुआ और न गुमराहों का।
Step 8: 1 बार सूरह बकरा की शुरुआती आयतें और आयतुल कुर्सी पढ़ें
सूरह बकरा की शुरुआत की 5 आयतें पढ़ें।
Arabic (Ayatul Kursi):
اللّٰهُ لَا إِلَٰهَ إِلَّا هُوَ الْحَيُّ الْقَيُّوْمُ ۚ لَا تَأْخُذُهُ سِنَةٌ وَلَا نَوْمٌ ۚ لَهُ مَا فِي السَّمَاوَاتِ وَمَا فِي الْأَرْضِ ۗ مَنْ ذَا الَّذِيْ يَشْفَعُ عِنْدَهُ إِلَّا بِإِذْنِهِ ۚ يَعْلَمُ مَا بَيْنَ أَيْدِيْهِمْ وَمَا خَلْفَهُمْ ۖ وَلَا يُحِيطُوْنَ بِشَيْءٍ مِّنْ عِلْمِهِ إِلَّا بِمَا شَاءَ ۚ وَسِعَ كُرْسِيُّهُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ ۖ وَلَا يَؤُوْدُهُ حِفْظُهُمَا ۚ وَهُوَ الْعَلِيُّ الْعَظِيمُ
Roman Transliteration:
Allahu La Ilaha Illa Huwal Hayyul Qayyum. La Ta’khuzuhu Sinatun Wa La Nawm. Lahu Ma Fis Samawati Wa Ma Fil Ard. Man Zal Lazee Yashfa’u Indahu Illa Bi Iznih. Ya’lamu Ma Baina Aideehim Wa Ma Khalfahum. Wa La Yuhitoona Bishai’im Min Ilmihi Illa Bima Sha. Wasi’a Kursiyyuhus Samawati Wal Ard. Wa La Ya’uduhu Hifzuhuma. Wa Huwal Aliyyul Azeem.
Hindi Transliteration:
अल्लाहु ला इलाह इल्ला हुवल हय्युल कय्यूम। ला तअखुज़ुहू सिनतुन वला नौम। लहू मा फिस्समावाति वमा फिल अर्ज़। मन ज़ल्लज़ी यशफअु इन्दहू इल्ला बि इज़निह। यअलमु मा बैना अयदीहिम वमा खल्फहुम। वला युहीतूना बिशैइम मिन इल्मिही इल्ला बिमा शा। वसिअ कुर्सिय्युहुस्समावाति वल अर्ज़। वला यऊदुहू हिफ्ज़ुहुमा। वहुवल अलिय्युल अज़ीम।
हिंदी अर्थ:
अल्लाह जिसके सिवा कोई माबूद नहीं, जो हमेशा से जिंदा और सब कुछ संभालने वाला है। उसे न ऊंघ आती है न नींद। जो कुछ आसमानों में है और जो कुछ ज़मीन में है सब उसी का है। कोई नहीं जो उसकी इज़ाज़त के बगैर उसके सामने सिफारिश कर सके। वह जानता है जो उनके सामने है और जो उनके पीछे है और वे उसके इल्म में से कुछ भी नहीं जान सकते सिवाय उसके जो वह चाहे। उसकी कुर्सी आसमानों और ज़मीन को घेरे हुए है और उनकी हिफाज़त उसे थकाती नहीं। और वह बहुत बुलंद और बड़ा है।
Step 9: फातिहा के बाद दुआ करें
तमाम सूरतें पढ़ने के बाद दोनों हाथ उठाएं और अल्लाह की बारगाह में दिल से दुआ करें।
दुआ का तरीका:
या अल्लाह! अभी हमने जो कुरान पाक की तिलावत की, इसमें जो भी खता या गलती हुई हो तू उसे माफ फरमा और इस तिलावत को कबूल फरमा।
या अल्लाह! इस फातिहा खानी को हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बारगाह में तोहफे के तौर पर पेश करते हैं, इसे कबूल फरमा।
या अल्लाह! इस फातिहा खानी का सवाब तमाम अंबिया, सहाबा, अहले बैत, औलिया और तमाम नेक बंदों की रूहों को पहुंचा।
या अल्लाह! इस फातिहा खानी का सवाब (यहां अपने मरहूम का नाम लें) की रूह को पहुंचा और उन्हें जन्नत में आला दर्जा अता फरमा।
या अल्लाह! हमारे घरों में खैर और बरकत अता फरमा।
या अल्लाह! हमारे वालदैन की मगफिरत फरमा।
या अल्लाह! तमाम मुसलमानों की मगफिरत फरमा।
या अल्लाह! जो बीमार हैं उन्हें मुकम्मल शिफा अता फरमा।
या अल्लाह! जो परेशान हैं उनकी परेशानी दूर फरमा।
आमीन, सुम्मा आमीन।
Step 10: फातिहा पूरी करने की दुआ पढ़ें
फातिहा के आखिर में यह दुआ पढ़ें:
Arabic:
سُبْحَانَ رَبِّكَ رَبِّ الْعِزَّةِ عَمَّا يَصِفُوْنَ ۙ وَسَلَامٌ عَلَى الْمُرْسَلِيْنَ ۙ وَالْحَمْدُ لِلّٰهِ رَبِّ الْعٰلَمِيْنَ
Roman Transliteration:
Subhana Rabbika Rabbil Izzati Amma Yasifoon. Wa Salamun Alal Mursaleen. Wal Hamdu Lillahi Rabbil Alameen.
Hindi Transliteration:
सुब्हाना रब्बिक रब्बिल इज़्ज़ति अम्मा यसिफून। वसलामुन अलल मुर्सलीन। वल्हम्दु लिल्लाहि रब्बिल आलमीन।
हिंदी अर्थ:
तेरा रब इज़्ज़त वाला रब उन बातों से पाक है जो वे कहते हैं। और सलामती हो तमाम पैगंबरों पर। और तमाम तारीफें अल्लाह के लिए जो सारे जहानों का रब है।
Step 11: आखिर में 3 बार दरूद शरीफ पढ़ें
जैसे शुरुआत दरूद से की थी, उसी तरह फातिहा को 3 बार दरूद शरीफ पढ़ कर खत्म करें।
फातिहा के फायदे | Benefits Of Fatiha
फायदा 1: मरहूम की रूह को सवाब पहुंचना
फातिहा पढ़ने से उसका सवाब मरहूम की रूह तक पहुंचता है। इस्लाम में मरे हुए मुसलमानों के लिए दुआ करना और उन्हें सवाब पहुंचाना मशरू अमल है।
फायदा 2: घर में बरकत
फातिहा पढ़ने से घर में खैर और बरकत आती है। अल्लाह की रहमत और इनायत का नज़ूल होता है।
फायदा 3: कुरान की तिलावत का सवाब
फातिहा में कुरान शरीफ की कई सूरतें पढ़ी जाती हैं। इस से तिलावत का पूरा सवाब हासिल होता है। सूरह इखलास को 3 बार पढ़ना एक तिहाई कुरान के बराबर सवाब रखता है।
फायदा 4: दुआ की कबूलियत
फातिहा में दुआ करने का खास मौका मिलता है। कुरान की तिलावत और दरूद के बाद की जाने वाली दुआ जल्द कबूल होती है।
फायदा 5: गुनाहों की मगफिरत
फातिहा के दौरान अल्लाह से मगफिरत मांगने का मौका मिलता है। यह गुनाहों की माफी का एक बड़ा ज़रिया है।
फायदा 6: मुसलमानों में एकता
फातिहा का अमल मुसलमानों को एक साथ बिठाता है। इससे भाईचारे और मोहब्बत का जज़्बा पैदा होता है।
Fatiha Ka Tarika PDF | फातिहा का तरीका PDF
हमारी वेबसाइट पर Fatiha Ka Tarika PDF उपलब्ध है, जिसे आप आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं।
इस PDF में Arabic पाठ, Roman transliteration तथा हिंदी अनुवाद सभी शामिल हैं।
ज़रूरी बातें | Important Notes
कुछ ज़रूरी बातें जो फातिहा पढ़ते वक्त याद रखनी चाहिए:
अगर कोई सूरह याद न हो तो देखकर पढ़ सकते हैं। इसमें कोई हर्ज नहीं।
फातिहा पाक साफ हालत में और वुज़ू के साथ पढ़ना बेहतर है।
दुआ में मरहूम का नाम (उनके बाप के नाम के साथ) लेना अफ़ज़ल है।
फातिहा किसी भी पाक जगह पर बैठकर पढ़ी जा सकती है।
फातिहा के दौरान दिल में खुशू और खुज़ू रखें।
खुलासा | Conclusion
Fatiha Ka Tarika जानना और उसे सही तरीके से अदा करना हर मुसलमान के लिए ज़रूरी है। यह एक ऐसा पाक अमल है जिसमें कुरान की तिलावत, दरूद शरीफ और दुआ सब शामिल हैं। इस अमल से मरहूमों की रूहों को सवाब पहुंचता है और करने वाले को भी अजर मिलता है।
Fatiha Ka Tarika In Hindi, Fatiha Ka Tarika In Urdu या Fatiha Ka Tarika In Roman English, किसी भी ज़बान में इसे समझकर पढ़ें लेकिन तिलावत हमेशा Arabic में ही करें।
अल्लाह तआला हम सब को सही तरीके से फातिहा पढ़ने की तौफीक अता फरमाए और हमारे मरहूमों को जन्नत में आला दर्जा अता फरमाए। आमीन।
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? अक्सर पूछे जाने वाले सवाल | FAQs
Q1. फातिहा कितने वक्त में पढ़ी जाती है?
फातिहा का पूरा अमल आमतौर पर 15 से 20 मिनट में मुकम्मल हो जाता है।
Q2. क्या औरतें भी फातिहा पढ़ सकती हैं?
हां, औरतें भी पाक साफ हालत में फातिहा पढ़ सकती हैं।
Q3. फातिहा के लिए वुज़ू ज़रूरी है?
वुज़ू के साथ पढ़ना बेहतर और अफ़ज़ल है, हालांकि बिना वुज़ू के भी ज़बानी कुरान पढ़ा जा सकता है।
Q4. Fatiha Ka Tarika Step By Step कितने steps में है?
यह पूरा अमल कुल 11 आसान steps में मुकम्मल होता है।
Q5. क्या बच्चे भी फातिहा में शामिल हो सकते हैं?
हां, बच्चे फातिहा में शामिल हो सकते हैं। इससे उन्हें इस्लामी तालीम मिलती है।
Q6. फातिहा किस मौके पर पढ़ी जाती है?
फातिहा मरहूम को सवाब पहुंचाने, खुशी के मौकों, नियाज़ पर और दरगाहों पर पढ़ी जाती है।
Q7. अगर कोई सूरह याद न हो तो क्या करें?
अगर कोई सूरह याद न हो तो उसे देखकर पढ़ा जा सकता है। इसमें कोई गुनाह नहीं।
Q8. हिंदी में फातिहा का तरीका क्यों जानना चाहिए?
हिंदी में फातिहा का तरीका जानने से हिंदी बोलने वाले मुसलमान इस मुबारक अमल को सही और आसानी से अदा कर सकते हैं।
Written by: Ahmad Raza
Credentials: Islamic Studies Content Writer
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